रविवार, 1 अक्टूबर 2017

किसी समस्या या रोग का समाधान कैसे करें?

जो मनुष्य इस मत्य लोक मे जन्म लेता है । उसे किसी ना किसी प्रकार की विपति, रोग, समस्या य संसय आना स्वभाविक है। पर इन सब से छुटकारा पाना बुद्धि मान मनुष्य के लिए बहुत सरल होता है। नीति शास्त्रो और चिकित्सा शास्त्रो मे कहा गया है की जहां जिस तरहा की समस्याएं, रोग, सोक और दुःख आते हैं। वहीं इसका इलाज़ और निराकरण पाया जा सकता है।
सांप का जहर ही सांप के जहर का निराकरण करती है और दूसरी चीज़ जंहा सांप रहता है। वहीं उसी इलाके के वृक्ष और जड़ी बुट्टी उस जहर का भी इलाज़ कर सकते है।
गर्मी के मौसम में होने वाली विमारीयों का इलाज़ गर्मी के मौसम में होने वाले फलों में होता है। सर्दी में होने वाले फल सर्दी के मौसम के रोगों का औसध होता है।
मधमखि दंश का इलाज़ मध से ही हो सकता है। नीति शाश्त्र केहत है। प्रकृति अगर हमे किसी प्रकार की विपति या रोग देती है तो साथ ही वो हमे इसका निराकरण और औसध भी प्रदान करती है।
जिस तरह प्रकृति रेगिस्तान के जीवों में पानी सरक्षण के  गुण विकसित करवा लेती है। उसी प्रकर सभी दुःख और विमरीयों का इलाज़ भी विकसित कर लेती हैं।

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